जॉनसन एंड जॉनसन पाउडर से होता है कैंसर, सावधान, ताजा खबर

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johnson and johnson talcum powder cancer asbestos
Johnson and Johnson talcum powder cancer asbestos

जॉनसन एंड जॉनसन बेबी पाउडर एक अत्यधिक लोकप्रिय टेलकम पाउडर के रूप में जाना जाता है | वर्षों से लोग इस टेलकम पाउडर का इस्तेमाल अपने बच्चों पर करते रहे है | जो लोग जॉनसन एंड जॉनसन, जोकि एक वर्ल्ड-फेमस इंटरनेशनल ब्रांड है, पर विश्वास करके बेफ्रिक होकर धड़ल्ले से जॉनसन बेबी टेलकम पाउडर का प्रयोग करते रहे है उनको अब सावधान हो जाना होगा |

जॉनसन एंड जॉनसन केस

क्या जॉनसन बेबी पाउडर से कैंसर होता है ? ऑकलैंड में कैलीफोर्निया सुपीरियर कोर्ट ने जॉनसन एंड जॉनसन के पाउडर से टेरी लीविट नामक महिला को कैंसर होने की पुष्टि की है | कैलीफोर्निया सुपीरियर कोर्ट ने जॉनसन एंड जॉनसन कम्पनी से टेरी लीविट को 201 करोड़ रूपये (2.9 करोड़ डॉलर) मुआवजा देने का आदेश दिया है |

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Asbestos in johnson and johnson Power टेरी लीविट 1960 से जॉनसन एंड जॉनसन बेबी पाउडर का इस्तेमाल कर रही थी | जॉनसन एंड जॉनसन केस में सुपीरियर कोर्ट ने दोनों पक्षों की तरफ से दर्जनभर विशेषज्ञों की गवाही ली |

जॉनसन कम्पनी ने पूरी तरह से यह सिद्ध करने का प्रयास किया कि उनके टेलकम पाउडर में कैंसरकारी तत्व (एस्बेस्टस) मौजूद नही है | लेकिन ज्यूरी ने कम्पनी के दावे को नकारते हुए टेरी लीविट को 2.9 करोड़ डॉलर मुआवजा देने का आदेश दिया |

Johnson and Johnson talcum powder cancer asbestos
Johnson and Johnson talcum powder cancer asbestos

टेरी लीविट ने Johnson & Johnson पर आरोप लगाया है कि वह लगभग 20 वर्षों से Johnson’s baby Powder और इस कम्पनी के अन्य पाउडर का इस्तेमाल कर रही थी | 2017 में उन्हें पता चला कि वें मेसोथेलियोमा (कैंसर) से पीड़ित है |

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क्या जॉनसन बेबी पाउडर में एस्बेस्टस है

क्या जॉनसन बेबी पाउडर से कैंसर होता है ? टेरी लीविट ने जॉनसन एंड जॉनसन कम्पनी पर आरोप लगाया है कि उनके टेलकम पाउडर में एस्बेस्टस मौजूद है जिसके कारण ही वें मेसोथेलियोमा (एस्बेस्टस से होने वाला कैंसर) से पीड़ित हुई है |

वही कम्पनी इस बात को बिल्कुल भी स्वीकार करने को तैयार नही है कि उनके टेलकम पाउडर में एस्बेस्टस है | कम्पनी ने स्पष्ट किया है कि उनके पाउडर से कैंसर नही होता है और उनका पाउडर एस्बेस्टस मुक्त है |

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हालांकि Johnson & Johnson के इन दावों पर विश्वास किया जाना मुश्किल है क्योकि इस कम्पनी पर टेलकम पाउडर से सम्बन्धित 13 हजार से ज्यादा मुकदमे दर्ज है |

एस्बेस्टस क्या होता है

एस्बेस्टस (Asbestos) एक कैंसरकारी तत्व है | एक अनुमान के अनुसार एस्बेस्टस एक दशक के अंदर विकासशील देशों के करीब एक लाख लोगों की जान ले लेगा |

विकासशील देशों में एस्बेस्टस का प्रयोग पानी के पाइप, मकानों के निर्माण, अग्निरोधक छतों के निर्माण में बड़ी मात्रा में प्रयोग किया जाता है | भारत में एस्बेस्टस का प्रयोग सबसे अधिक सीमेंट की चद्दरों के निर्माण में किया जाता है | भारत कच्चे एस्बेस्टस का सर्वाधिक आयात करने वाले देशों में शामिल है |

भारत जैसे विकासशील देशों में घरों की चद्दर बनाने में एस्बेस्टस का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है क्योकि इनसे कम कीमत की सीमेंट की चद्दरें बनती है | कम कीमत होने के कारण इनकी मांग अत्यधिक होती है |

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सबसे आश्चर्य की बात यह है कि कैंसरकारी तत्व होने और कई देशों में प्रतिबंधित होने के बावजूद एस्बेस्टस का इस्तेमाल कई देशों में धड़ल्ले से हो रहा है जिसमे भारत, रूस और चीन भी शामिल है |

एस्बेस्टस से होने वाले रोग – कैंसर

कैंसरकारी होने के बावजूद दुनिया भर के कई देशों में एस्बेस्टस का उत्पादन अत्यधिक मात्रा में किया जा रहा है | एक तरफ लगभग 50 देशों ने एस्बेस्टस पर प्रतिबन्ध लगा रखा है वही दूसरी तरफ इन्ही देशों की कम्पनियां भारत, चीन, रूस जैसे विकासशील देशों में इसका निर्यात कर रही है |

विकासशील देशों में धड़ल्ले से एस्बेस्टस का निर्यात करके मोटा मुनाफा कमाने वाली कम्पनियों का कहना है कि वें केवल व्हाइट एस्बेस्टस का ही निर्यात करती है जोकि ब्लू एस्बेस्टस और ब्राउन एस्बेस्टस की तरह कैंसरकारी नही होता है |

मालूम हो कि ब्लू एस्बेस्टस और ब्राउन एस्बेस्टस को कैंसर एवं सांस की बीमारी के लिए प्रत्यक्ष रूप से उत्तरदायी माना गया है | इसी कारण इन्हे पूरे संसार में पूर्णतः प्रतिबंधित किया जा चुका है |

एस्बेस्टस का निर्यात करने वाली कम्पनियों के उपरोक्त दलीलों को स्वीकार नही किया जा सकता है क्योकि व्हाइट एस्बेस्टस से भी कैंसर विशेषरूप से फेफड़े के कैंसर होने की सम्भावना देखी गयी है |

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सभी प्रकार के एस्बेस्टस को कैंसर के लिए उत्तरदायी माना है |

बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि यूरोपीय संघ के प्रतिबन्ध लगाने के बावजूद भारत, रूस और चीन में एस्बेस्टस का प्रयोग धड़ल्ले से हो रहा है |

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